गुरु सेवा की एक विरासत

यह गहन प्रेरक वृतांत कि किस प्रकार श्री श्री दया माता और स्वामी श्यामानन्द ने मिलकर परमहंस योगानन्दजी की शिक्षाओं को पूरे भारत में फैलाया पहली बार सेल्फ़-रियलाइज़ेशन मैगज़ीन (पत्रिका) के 1971 के पतझड़ के अंक में छपा था। यहाँ अपने समग्र रूप में प्रस्तुत यह लेख गुरु सेवा (आध्यात्मिक साधना के रूप में गुरु सेवा) के आध्यात्मिक आदर्श के प्रति सम्मान के प्रतीक हैं।

गुरु-ध्वजा वहन

स्वामी श्यामानन्द गिरि का अदम्य जीवन

स्वामी श्यामानन्द गिरि : ईश्वर और गुरु के आध्यात्मिक योद्धा

स्वामी श्यामानन्दजी की श्रद्धांजलि सभा में श्री श्री दया माता के विचार

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