“सामूहिक ध्यान वह दुर्ग है जो नये आध्यात्मिक प्रत्याशियों एवं अभ्यस्त साधकों दोनों की रक्षा करता है। समूह के अदृश्य चुंबकीय स्पंदन के विनिमय के नियम द्वारा एक साथ ध्यान करने से प्रत्येक साधक आत्म-साक्षात्कार के अपने लक्ष्य में सहयोग पाता है।”

— परमहंस योगानन्द

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वाईएसएस/एसआरएफ़ अध्यक्ष श्री श्री स्वामी चिदानन्द गिरि द्वारा 31 जनवरी, 2021 को योगदा सत्संग सोसाइटी ऑफ़ इण्डिया के ऑनलाइन ध्यान केंद्र का उद्घाटण 

आपका स्वागत है

हमारे पूजनीय गुरु और संस्थापक, परमहंस योगानन्दजी के नाम में, मैं सानन्द आप सबका योगदा सत्संग सोसाइटी ऑफ़ इण्डिया ऑनलाइन ध्यान केंद्र में स्वागत करता हूँ। सभी वाईएसएस ध्यान केंद्रों और मण्डलियों की तरह, यह ऑनलाइन सेवा भी हमारे वाईएसएस आश्रमों में रहने वाले योगदा संन्यासियों की देखरेख में संचालित की जाती है, और गृहस्थ स्वयंसेवकों के सहयोग द्वारा चलायी जाती है।

इस ऑनलाइन केंद्र के माध्यम से पूरी दुनिया में व्याप्त वाईएसएस के भक्तों और साथियों के साथ मिलकर ध्यान करने और परमहंसजी की शिक्षाओं का अध्ययन करने से प्राप्त होने वाले आशीर्वादों को आपके साथ साझा करने के लिए हम उत्सुक हैं।

दिव्य मैत्री में,
स्वामी चिदानन्द गिरि

अध्यक्ष, योगदा सत्संग सोसाइटी ऑफ़ इण्डिया/सेल्फ़-रियलाइज़ेशन फे़लोशिप

सूचनाओं और कार्यक्रमों की जानकारी के लिए वाईएसएस ई-न्यूज़ की सदस्यता लें

ऑनलाइन ध्यान केंद्र का उद्देश्य

योगदा सत्संग के किसी आश्रम, केंद्र या मण्डली में जाकर भाग लेने के कई मूर्त और अमूर्त लाभ हैं, और यदि आप ऐसा कर सकते हैं, तो अवश्य करें। परंतु, कई योगदा भक्त किसी भी योगदा केंद्र या मण्डली से दूर रहते हैं – या वहाँ जाकर सामूहिक ध्यान में भाग लेने के लिए अन्य कारणों से असमर्थ हैं। अब सभी भक्तों के पास यह अवसर है, चाहे वे कहीं भी रहते हों, और उनकी कैसी भी परिस्थिति क्यों ने हो, कि अन्य सत्यान्वेषी आत्माओं की सत्-संगति में वे सामूहिक ध्यान और रिट्रीटों में शामिल हो सकते हैं।

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ऑनलाइन सामूहिक ध्यान-सत्र

परमहंस योगानन्दजी ने आजीवन यही सिखाया कि अपनी साधना को गहरा करने के लिए सामूहिक ध्यान अमूल्य है। अब आपके पास सामूहिक ध्यान में शामिल होने का अवसर होगा, चाहे आप कहीं भी रहते हों या आपकी परिस्थितियाँ कैसी भी क्यों न हो।

ऑनलाइन सामूहिक ध्यान-सत्र में शामिल होकर आप भारत और दुनिया भर में फैले परमहंस योगानंदजी के अनुयायियों के साथ ध्यान और ईश-संपर्क के आनन्द का अनुभव कर सकते हैं।

आने वाले समय में, इन सामूहिक ध्यान के कार्यक्रमों का विस्तार होगा और ध्यान के अन्य प्रारूपों, जैसे कि, लघु ध्यान-सत्र, लंबे ध्यान-सत्र, कीर्तन, इत्यादि का आयोजन भी इस ध्यान केंद्र में जोड़ा जाएगा। इस ऑनलाइन केंद्र के द्वारा हम यथाशीघ्र अनेक भारतीय भाषाओं में भी विविध कार्यक्रम प्रस्तुत करने का प्रयास करेंगे।

हम आने वाले महीनों में गुरुजी के पुस्तकों के पठन तथा योगदा पाठमाला अध्ययन समूह के ऑनलाइन प्रारूप भी शुरू करने जा रहे हैं।

ध्यान-सत्रों की समय-सारणी देखें

ध्यान-सत्र में कैसे भाग लें

ऑनलाइन ध्यान-सत्र में शामिल होने के लिए इन 3 चरणों का पालन करें:

1.  निःशुल्क ज़ूम (Zoom) एप्लिकेशन डाउनलोड करें और इंस्टॉल करें (आपको खाता खोलने की आवश्यकता नहीं है।)

2.  नीचे दी गयी समय-सारणी पर जायें।

3. समय-सारणी में दिये गए किसी एक ध्यान-सत्र पर क्लिक करें, फिर ज़ूम को खोलने और ध्यान में प्रवेश करने के लिए कार्यक्रम विवरण में नीले ज़ूम लिंक पर क्लिक करें।

यदि आपको और सहायता चाहिए तो हम से संपर्क करें

क्या आप सेवा करने के इच्छुक हैं?

यदि आप वाईएसएस/एसआरएफ़ क्रियावान हैं और ऑनलाइन ध्यान-सत्र की अगुआई करने या ऑनलाइन अशर बनने में रुचि रखते हैं, तो कृपया योगानन्द सेवा स्वयंसेवक पोर्टल पर साइन अप करें। गुरुदेव की सेवा में हम आपका साथ चाहेंगे!

भक्तों द्वारा साझा किए गए अनुभव

“इससे हमें वास्तव में सामूहिक ध्यान में भाग लेने जैसा ही अनुभव मिला। यह अद्भुत था। यह देखकर मुझे आश्चर्य हुआ कि किस प्रकार यह बिल्कुल वास्तविक ध्यान-सत्र के जैसा ही था!”

“ऑनलाइन ध्यान-सत्र में शामिल होने का मेरा अनुभव बहुत अच्छा रहा। सचमुच ऐसा महसूस होता है कि हम एक समूह का हिस्सा हैं!”

“जल्दी उठ कर भक्तों के साथ बैठकर ध्यान करना और लाइव कीर्तन सुनना बहुत ही अच्छा लगा!”

“मुझे ध्यान-सत्र में बहुत आनंद आया और मैं यह प्रतिदिन करना चाहूँगा। समय कैसे बीत गया पता ही नहीं चला और यह अत्यंत मधुर अनूभव था!”

“इस में मुझे बहुत आनन्द आया। मैं सामूहिक ध्यान की ताकत और संसर्ग को महसूस कर पाया।”

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