योगदा सत्संग पत्रिका

शारीरिक, मानसिक, एवं आध्यात्मिक स्वस्थता हेतु समर्पित त्रैमासिक पत्रिका

एक शारीरिक, मानसिक, एवं आध्यात्मिक स्वस्थता हेतु समर्पित पत्रिका, प्राचीन ज्ञान और आधुनिक विचार का एक अनूठा मिश्रण, इस पत्रिका को 1925 में परमहंस योगानन्द जी द्वारा स्थापित किया गया था। आकर्षक और जानकारी पूर्ण लेख आज के समय में संतुलित जीवन हेतु विभिन्न विषयों पर अंतर्दृष्टि और जानकारी प्रदान करते हैं: जीवन, मृत्यु और पुनर्जन्म को समझना; विश्व की घटनाओं पर एक आध्यात्मिक परिप्रेक्ष्य; मानसिक शक्ति का विकास; ईश्वर के साथ एक व्यक्तिगत संबंध बनाना; और भी बहुत कुछ।

विभिन्न विषयवस्तु:

पत्रिका शुल्क:

त्रैमासिक पत्रिका शुल्क (डाक एवं अन्य खर्च सहित)

योगदा सत्संग पत्रिका  (अंग्रेजी, हिंदी,या बंगला) 1 वर्ष  (4 संस्करण ) 120
2 वर्ष  (8 संस्करण ) 225
3 वर्ष  (12 संस्करण) 340
   

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