विश्वव्यापी प्रार्थना मण्डल

Paramahansa Yogananda

श्री श्री दया माता जी का आमंत्रण:

योगदा सत्संग सोसाइटी ऑफ़ इण्डिया/सेल्फ़-रियलाइज़ेशन फ़ेलोशिप के विश्वव्यापी प्रार्थना मण्डल के विषय में मैं आपको प्रार्थना की परिवर्तनात्मक शक्ति के माध्यम से दूसरों की सेवा करने में हमारा साथ देने के लिए आमन्त्रित करना चाहूँगी।

समाचार पत्रों में प्रतिदिन किसी नए रोग अथवा घोर विपदा-या संसार को युद्ध के और निकट लाने वाले किसी अन्य अन्तर्राष्ट्रीय संकट को पढ़कर बहुत से लोग अपने और अपने प्रियजनों के जीवन के विषय में गहरी असुरक्षा का अनुभव करते हैं। हम ऐसी स्थिति में आ गए हैं जब बहुत से लोग जानना चाहते हैं, “क्या इस संसार में कोई ऐसी वस्तु है, जिस पर मैं निर्भर कर सकता हूँ? जिस शान्ति और सुरक्षा को मैं अपने लिए एवं समस्त मानव जाति के लिए चाहता हूँ उस पर इन चेतावनियों का विरोध करने के लिए क्या मैं कुछ कर सकता हूँ?”

वांछनीय परिणाम इस बात पर निर्भर करते हैं कि हमें अपनी आवश्यकता अनुसार प्रार्थना करने की उचित विधि व समय का ज्ञान हो। उचित विधि के प्रयोग द्वारा ईश्वर का विधान कार्यान्वित  होना आरंभ होता है जिसके वैज्ञानिक परिणाम होते हैं। 

हम सभी ऐसे प्रश्नों पर गहरी प्रतिक्रिया दिखाते हैं और हमारे हृदयों को ऐसा कष्ट देने वाली इन समस्याओं का समाधान भी है। भौतिक एवं भावनात्मक असंगतियों से व्यक्ति क्लेश क्यों पाते हैं-और राष्ट्र सामाजिक एवं अन्तर्राष्ट्रीय कलह का अनुभव क्यों करते हैं इनका एक कारण है, कि उन्होंने अपने ग़लत विचारों एवं कार्यों से स्वयं को, दिव्य शक्ति एवं आशीर्वाद के स्रोत से अलग कर रखा है।

आज, सम्भवतः पहले से कहीं अधिक, यह अनिवार्य है कि हम उस नकारात्मकता का विरोध करें। यदि हम इस धरती पर एक अशान्त अस्तित्व से अधिक की अभिलाषा रखते हैं, तो हमें दिव्य स्रोत के साथ अपने सम्बन्ध को पुनः स्थापित करना आवश्यक है। योगदा सत्संग सोसाइटी ऑफ़ इण्डिया/सेल्फ़-रियलाइज़ेशन फेलोशिप के विश्वव्यापी प्रार्थना मण्डल का यही उद्देश्य है। और इसीलिए मैं आपसे आग्रह करती हूँ कि इस पुस्तिका के सन्देश पर गहराई से विचार करें। यह बताती है कि किस प्रकार सभी जातियों एवं धर्मों का प्रत्येक पुरुष, स्त्री, और बच्चा, अपने एवं अपने प्रियजनों के रोग-निवारण और सुरक्षा के लिए प्रभावी रूप से कार्य कर सकता है। और प्रार्थना की शक्ति—जो हममें से प्रत्येक के भीतर ईश्वर की असीम शक्ति है—को केन्द्रित करने हेतु आपके व्यक्तिगत प्रयास संसार के दुःखी राष्ट्रों में अधिकतर सामंजस्य लाने में बहुत काम कर सकते हैं।

हम आशा करते हैं आप प्रार्थना के इस विश्वव्यापी मण्डल में सम्मिलित होंगे, ताकि सब जगह नर-नारी अपने अन्दर की दिव्य शक्ति के महानतर बोध के प्रति जागरुक हो सकें और बाह्य रूप से यह सभी लोगों में शान्ति एवं साहचर्य के रूप में व्यक्त हो सके।

— श्री श्री दया माता

तृतीय अध्यक्ष, योगदा सत्संग सोसाइटी ऑफ़ इण्डिया /सेल्फ़-रियलाइज़ेशन फ़ेलोशिप

Devotees at YSS performing healing prayers as a

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