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“...आपको यह अनुभव होता है कि आपके भीतर कुछ अति-विशिष्ट छुपी हुई बात सदा रही है, और आपको इसका आभास तक नहीं था।”

— परमहंस योगानन्द

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“...आप को यह अनुभव होता है कि आप के भीतर कुछ अति-विशिष्ट छुपी हुई बात सदा रही है, और आपको इस का आभास तक नहीं था।”

— परमहंस योगानन्द

परमहंस योगानन्द

आध्यात्मिक गौरव ग्रंथ योगी कथामृत के सुप्रसिद्ध लेखक, परमहंस योगानन्दजी ने 1917 में योगदा सत्संग सोसाइटी ऑफ़ इण्डिया की स्थापना की ताकि सभी संस्कृतियों और राष्ट्रीयताओं के लोगों तक क्रियायोग की ध्यान प्रविधि और “जीने की कला” शिक्षाएं व्यापक रूप से पहुँच सकें जिससे वे अपनी आत्मा की सुंदरता, कुलीनता और दिव्यता को पूर्णतया अनुभव एवं व्यक्त करने में सक्षम हो सकें।

“The Spiritual Expression of Friendship” — अब उपलब्ध है!

अपनी इस नई पुस्तक में परमहंस योगानन्दजी मित्रता के आध्यात्मिक आयामों को प्रकट करते हैं, ताकि हम हर संबंध को प्रेम, विकास और दिव्य एकता के अनुभव में परिवर्तित कर सकें।

जन्मोत्सव अपील — 2026

इस वर्ष, जन्मोत्सव का पवित्र अवसर हममें से प्रत्येक को गुरुदेव के दिव्य कार्य की सेवा करने का एक अनूठा अवसर प्रदान करता है, यह सुनिश्चित करते हुए कि उनका प्रिय राँची आश्रम आने वाली पीढ़ियों के लिए शांति, सांत्वना और ईश्वरीय एकात्मता के एक पवित्र धाम के रूप में उनकी उपस्थिति को विकीर्ण करता रहे।

युवा साधक शिविर 2026

23–35 वर्ष आयु वर्ग के वाईएसएस भक्तों के लिए विशेष रूप से अभिकल्पित, ये सप्ताहांत संगम सफल और संतुलित जीवन जीने हेतु परमहंसजी का अद्वितीय “आदर्श जीवन” प्रशिक्षण प्रदान करते हैं।

योगदा सत्संग पाठमाला

योगदा सत्संग पाठमाला का अग्रेंज़ी संस्करण अब एक नये परिष्कृत और विस्तारित रूप में उपलब्ध है। इस संस्करण का हिंदी अनुवाद किया जा रहा है और यह कुछ समय बाद उपलब्ध होगा। इस दौरान उत्सुक साधक पाठमाला के पूर्व संस्करण का हिंदी अनुवाद आवेदन कर प्राप्त कर सकते हैं।

संचालित कार्यक्रम

हम आपको वाईएसएस संन्यासियों द्वारा संचालित ऑनलाइन और वैयक्तिक ध्यान-सत्र, रिट्रीट और अन्य कार्यक्रमों में शामिल होने के लिए आमंत्रित करते हैं।

वाईएसएस/एसआरएफ़ ऐप

अध्ययन, ध्यान और प्रेरणा के लिए आपका डिजिटल आध्यात्मिक साथी।