“...आपको यह अनुभव होता है कि आपके भीतर कुछ अति-विशिष्ट छुपी हुई बात सदा रही है, और आपको इसका आभास तक नहीं था।”

— परमहंस योगानन्द

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“...आपको यह अनुभव होता है कि आपके भीतर कुछ अति-विशिष्ट छुपी हुई बात सदा रही है, और आपको इसका आभास तक नहीं था।”

— परमहंस योगानन्द

परमहंस योगानन्द

आध्यात्मिक गौरव ग्रंथ ‘योगी कथामृत’ के लेखक, योगानन्दजी विश्व के महान् आध्यात्मिक गुरुओं में से एक माने जाते हैं। उनकी क्रियायोग की ध्यान प्रविधि और “जीने की कला” शिक्षाओं ने लाखों के जीवन का उत्थान किया है।

योगदा सत्संग पाठमाला

योगदा सत्संग पाठमाला का अग्रेंज़ी संस्करण अब एक नए परिष्कृत और विस्तारित रूप में उपलब्ध है। इस संस्करण का हिंदी अनुवाद किया जा रहा है और यह कुछ समय बाद उपलब्ध होगा। इस दौरान उत्सुक साधक पाठमाला के पूर्व संस्करण का हिंदी अनुवाद आवेदन कर प्राप्त कर सकते हैं।

वाईएसएस/एसआरएफ़ अध्यक्ष श्री श्री स्वामी चिदानन्द गिरि के साथ साधना संगम

हमें आपको सूचित करते हुए अत्यंत प्रसन्नता हो रही है कि हमारे श्रद्धेय अध्यक्ष श्री श्री स्वामी चिदानन्द गिरि 12 से 16 फरवरी तक हैदराबाद में एक विशेष पाँच-दिवसीय संगम की अध्यक्षता करेंगे।

संचालित कार्यक्रम

हम आपको वाईएसएस संन्यासियों द्वारा संचालित ऑनलाइन और वैयक्तिक ध्यान-सत्र, रिट्रीट और अन्य कार्यक्रमों में शामिल होने के लिए आमंत्रित करते हैं।

योगदा सत्संग पत्रिका – 2022 वार्षिक अंक

योगदा सत्संग पत्रिका के प्रथम वार्षिक अंक में परमहंस योगानन्दजी, वर्तमान तथा पिछले वाईएसएस/एसआरऍफ़ अध्यक्षों, वरिष्ठ संन्यासियों एवं दूसरे जाने माने लेखकों द्वारा दी गई प्रेरणाप्रद सामग्री का भण्डार है।