“...आप को यह अनुभव होता है कि आप के भीतर कुछ अति-विशिष्ट छुपी हुई बात सदा रही है, और आपको इस का आभास तक नहीं था।”

— परमहंस योगानन्द
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“...आप को यह अनुभव होता है कि आप के भीतर कुछ अति-विशिष्ट छुपी हुई बात सदा रही है, और आपको इस का आभास तक नहीं था।”

— परमहंस योगानन्द

परमहंस योगानन्द

आध्यात्मिक गौरव ग्रंथ योगी कथामृत के सुप्रसिद्ध लेखक, परमहंस योगानन्दजी ने 1917 में योगदा सत्संग सोसाइटी ऑफ़ इण्डिया की स्थापना की ताकि सभी संस्कृतियों और राष्ट्रीयताओं के लोगों तक क्रियायोग की ध्यान प्रविधि और “जीने की कला” शिक्षाएं व्यापक रूप से पहुँच सकें जिससे वे अपनी आत्मा की सुंदरता, कुलीनता और दिव्यता को पूर्णतया अनुभव एवं व्यक्त करने में सक्षम हो सकें।

योगदा सत्संग पाठमाला

योगदा सत्संग पाठमाला का अग्रेंज़ी संस्करण अब एक नये परिष्कृत और विस्तारित रूप में उपलब्ध है। इस संस्करण का हिंदी अनुवाद किया जा रहा है और यह कुछ समय बाद उपलब्ध होगा। इस दौरान उत्सुक साधक पाठमाला के पूर्व संस्करण का हिंदी अनुवाद आवेदन कर प्राप्त कर सकते हैं।

ऑनलाइन ध्यान केंद्र

योगदा सत्संग सोसाइटी ऑफ़ इण्डिया के ऑनलाइन ध्यान केंद्र में संन्यासियों द्वारा संचालित ध्यान-सत्रों, रिट्रीटों, और कार्यक्रमों में आप का स्वागत है।

भगवद्गीता पर ऑनलाइन आध्यात्मिक प्रवचन – अंग्रेज़ी में

‘ईश्वर-अर्जुन संवाद’ – भगवद्गीता पर तीन भागों के आध्यात्मिक प्रवचनों में से प्रथम में आपका स्वागत है।

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस

वाईएसएस अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में अनेक ऑनलाइन कार्यक्रमों का आयोजन कर रहा है।

सुरक्षा के आंतरिक स्रोत से जुड़ना

विश्व की वर्तमान परिस्थिति से जूझने के लिये हमारी साईट पर आपके लिए उपलब्ध संसाधन

योगदा राँची आश्रम

आवश्यक सूचना

योगदा भक्तों और ध्यान केंद्रों के लिए कोविड-19 पर अपडेट।

एसआरएफ़ विश्व कॉनवोकेशन 2020

कॉनवोकेशन के सभी कार्यक्रम अब भी देखने के लिए उपलब्ध हैं।