“साधना और सेवा में प्रेम का महत्त्व”

(वाईएसएस संन्यासी द्वारा हिन्दी में प्रवचन)

रविवार, 17 सितम्बर 2023

सुबह 11:00 बजे

– दोपहर 12:00 बजे

(भारतीय समयानुसार)

कार्यक्रम के विवरण

17 सितम्बर को, एक वाईएसएस संन्यासी ने “साधना और सेवा में प्रेम का महत्त्व” विषय पर हिन्दी में एक प्रेरणाप्रद प्रवचन दिया।

परमहंस योगानन्दजी की आदर्श-जीवन शिक्षाओं पर आधारित इस ऑनलाइन प्रवचन में, स्वामीजी ने आध्यात्मिक साधना और सेवा के पथ पर प्रेम के महत्त्व के बारे में बताया — और कैसे अपनी गतिविधियों को ईश्वर को अर्पित करना सीखकर, हम अपने जीवन के हर पहलू को आध्यात्मिक बना सकते हैं।

परमहंस योगानन्दजी ने कहा : “आप यदि अपने दिव्य प्रियतम के लिए कार्य करेंगे, तो आपका जीवन प्रेम और शक्ति से भर जाएगा। दिनभर की सभी गतिविधियों को आंतरिक रूप से ईश्वर को समर्पित करें; और जब कार्य पूरा हो जाए, तो मौन के मन्दिर में उसके साथ वार्तालाप करें।”

नए आगंतुक

परमहंस योगानन्दजी और उनकी शिक्षाओं के बारे में और अधिक जानने के लिए नीचे दिए गए लिंक्स पर जाएँ :

ऑटोबायोग्राफी ऑफ़ ए योगी

विश्वभर में एक आध्यात्मिक उत्कृष्ट कृति के रूप में सराही जाने वाली इस पुस्तक के विषय में परमहंसजी प्रायः कहा करते थे, “जब मैं चला जाऊँगा यह पुस्तक मेरी सन्देशवाहक होगी।”

वाईएसएस पाठमाला

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