जरूरी लिंक
प्रार्थना
पाठमाला
भक्त पोर्टल
मेरा अकाउंट
अनुदान
हिन्दी
English
தமிழ்
हिन्दी
English
தமிழ்
जरूरी लिंक
प्रार्थना
पाठमाला
डिवोटी पोर्टल
मेरा अकाउंट
अनुदान
परमहंस योगानन्द
जीवन चरित्र
आरंभिक जीवन तथा आध्यात्मिक खोज
एक विश्वव्यापी कार्य का आरंभ
पश्चिम में योग के अग्रदूत
भारत को लौटना
एक आध्यात्मिक नींव
अंतिम वर्ष और महासमाधि
आध्यात्मिक विरासत
परमहंस योगानन्दजी की वाणी सुनिए
पुस्तकें तथा रिकॉर्डिंग
योगी कथामृत
एक आध्यात्मिक गौरवग्रन्थ की रचना
प्रथम परिचय
टिप्पणियां एवं समीक्षाएँ
विश्व-भर में योगी कथामृत के अनुवाद
योगी कथामृत MP3 संस्करण
आगामी संस्करणों के लिए योगानन्दजी की अभिलाषाएँ
जो अन्य लोगों ने कहा
लेखक और संपादक
शिक्षाविशारद एवं वैज्ञानिक समुदाय
राजनीतिक एवं प्रशासनिक विभूतियाँ
धार्मिक नेतागण
शिष्यों के संस्मरण
वाईएसएस के बारे में
उद्देश्य और आदर्श
गुरु-शिष्य संबंध
योगदा सत्संग संन्यास परम्परा
वॉलंटरी लीग ऑफ़ डिसाइपिल्स
नए आगंतुकों के लिए जानकारी
अधिकतर पूछे जाने वाले प्रश्न
शब्दावली
निःशुल्क साहित्य के लिए आवेदन
आध्यात्मिक-गुरुवंश परंपरा
सोसाइटी का नेतृत्व
वाईएसएस की गुरु परंपरा
वाईएसएस को सहयोग देने के लिए
अनुदान
अनुदान के लिए निवेदन
FCRA रिपोर्ट
संपर्क करें
ई-मेल करें
प्रार्थना के लिए निवेदन
अपना अनुभव साझा करें
आपका निकटतम वाईएसएस केन्द्र
ध्यान और क्रियायोग
ध्यान करना सीखें
ध्यान कैसे करें
नए साधक के लिए ध्यान की विधि
निर्देशित ध्यान
आपके निकट ध्यान का कार्यक्रम
कीर्तन की दिव्य कला
आध्यात्मिक संकीर्तन कला की शक्ति
चैंट्स सुनें
गृह अध्ययन के लिए पाठमाला
हिन्दी पाठमाला
हिन्दी पाठमाला के लिए आवेदन करें
पाठमाला — प्रायः पूछे जाने वाले प्रश्न
डिजिटल ऐप
ऐप के बारे में
ऐप के बारे में प्रायः पूछे जाने वाले प्रश्न
ध्यान का मार्ग : क्रियायोग
क्रियायोग के लाभ
वास्तव में योग क्या है?
अष्टांग योग पथ
योग की सार्वजनिकता
आध्यात्मिक जीवन जीने की कला
जीने की कला का ज्ञान
जीवन का उद्देश्य
प्रसन्नता
सफलता और समृद्धि
स्वास्थ्य और रोगमुक्ति
आंतरिक सुरक्षा
भय पर विजय पाना
क्षमाशीलता
क्रोध पर विजय पाना
संबंधों का विकास
गुरु की भूमिका
मृत्यु और मृत्यु शोक
इन चुनौतपूर्ण समय में आध्यात्मिक प्रकाश
प्रार्थना की शक्ति का उपयोग
प्रार्थना
विश्वव्यापी प्रार्थना मण्डल
प्रार्थना के लिए अनुरोध करें
प्रतिज्ञापन
शास्त्रों में निहित सत्य
ईसाई धर्म सिद्धांत
श्रीमद्भगवद्गीता
उमर खय्याम की रुबाइयाँ
योगदा सत्संग पत्रिका
अध्यक्ष का संदेश
युवाओं के लिए कार्यक्रम
आश्रम एवं केन्द्र
आश्रम
राँची
दक्षिणेश्वर
द्वाराहाट
नोएडा
चेन्नई
रिट्रीट एवं ध्यान केन्द्र
सभी रिट्रीट देखें
सभी केन्द्रों की सूची
अंतर्राष्ट्रीय केन्द्रों की सूची
ऑनलाइन ध्यान केन्द्र
हमारे बारे में
कैसे भाग लें
कार्यक्रमों की समय-सारणी
सहायता केन्द्र
कार्यक्रम
ऑनलाइन ध्यान
हमारे बारे में
कैसे भाग लें
कार्यक्रमों की समय-सारणी
सहायता केन्द्र
प्रत्यक्ष कार्यक्रम
साधना संगम
रिट्रीट
संन्यासियों का दौरा तथा क्रिया दीक्षा समारोह
रविवारीय सत्संग
सभी कार्यक्रम
क्रियायोग के 150 वर्ष
कुंभ मेला
पिछले कार्यक्रम
फ़ोटो एलबम
ईश्वर को इकट्ठे मिलकर खोजना
बुकस्टोर
होम
>
Gallery
>
शरद संगम 2015
शरद संगम 2015
स्वागत बूथ का उद्घाटन करते स्वामी स्मरणानन्द।
भक्त पंजीकरण के बाद भोजन कूपन लेते हुए
आवास बूथ पर कमरों का आवंटन
स्वामी अमरानन्द के नेतृत्व में उद्घाटन समारोह भजन।
उद्घाटन समारोह के दौरान भक्तों का स्वागत करते हुए स्वामी हितेषानन्द।
उद्घाटन समारोह के दौरान भक्तों का एक वर्ग
“तुम एक योगी बनो” पर उद्घाटन सत्संग देते हुए स्वामी स्मरणानन्द
एक भक्त स्वयंसेवक को बधाई देते हुए स्वामी कृष्णानन्द।
स्वामी नित्यानन्द।
कॉस्मिक चैंट्स के सत्र का आनन्द लेते हुए एक भक्त।
स्मृति मन्दिर में ध्यान करते भक्त।
फूलों की सजावट से रंगोली
सेवालय के प्रवेश द्वार पर सजावट
ध्यान मंदिर की मोमबत्तियों की रोशनी
Smriti Mandir lit on Kriya Yoga diksha evening
स्वामी माधवनन्द हं-सः तकनीक का पुनरवलोकन करते हुए।
गुरुजी के कक्ष के सामने ध्यान करते भक्त।
सुबह ध्यान से पूर्व सामूहिक शक्ति-संचार व्यायाम
92 वर्षीय भक्त शक्ति-संचार व्यायाम करते हुए।
ईश्वर प्रार्थनाओं का विभिन्न तरीके से प्रत्युत्तर देते हैं विषय पर स्वामी श्रद्धानन्द व्याख्यान देते हुए।
लीची वेदी के नीचे प्रातःकालीन घंटे
दैनिक जीवन में आध्यात्मिक सिद्धांतों को लागू करना पर बोलते स्वामी ईश्वरानन्द।
तालाब में कोई मछली
गैर-क्रियाबानों के लिए सत्संग
लीची वेदी में ध्यान करते एसआरएफ भक्त।
समापन सत्संग देते स्वामी श्रद्धानन्द।
भक्तों का अभिवादन करते पुष्प।
जीवन एक बीतता हुआ सपना है … पर बोलते स्वामी सुद्धानन्द “गुरु: प्रेम का आध्यात्मिक गढ़” पर बोलते हुए
बुक स्टॉल पर श्रद्धालु नई सीडी देख रहे हैं।
आसन (ध्यान के लिए कुशन) प्रदर्शन हेतु
प्रदर्शन हेतु वाईएसएस प्रकाशन
भक्तों को आध्यात्मिक परामर्श प्रदान करते स्वामी ईश्वरानन्द।
संन्यासियों द्वारा क्रिया अभ्यास की जाँच की जा रही है।
शाम के ध्यान पूर्व शक्ति-संचार व्यायाम
खाली समय में आपस में बातचीत करते भक्तजन।
आश्रम के मैदान में सुंदर ढंग से सजाया गया गुरुजी का चित्र
आम के बगीचे में नए पाठ सदस्यों के लिए सत्संग
आश्रम मैदान में विश्राम करते भक्तजन।
स्वामी नित्यानन्द भक्तों को परामर्श देते हुए।
भक्तजन भोजन के बाद अपना बैग लेते हुए।
एक भक्त दम्पति को परामर्श देते स्वामी ओंकारानन्द।
सेवालय में मोमबत्तियों की रोशनी
विभिन्न भारतीय भाषाओं में पुस्तकें
स्वामी अमरानन्द भजन सत्र का नेतृत्व करते हुए।
मुख्य भवन के सामने का फव्वारा