“अपने मन को नियंत्रित कर, ईश्वर को अर्पित करें”

वाईएसएस संन्यासी द्वारा प्रवचन (हिन्दी में)

रविवार, 20 अक्टूबर, 2024

सुबह 11:00

– दोपहर 12:00 बजे

(भारतीय समयानुसार)

कार्यक्रम के विवरण

अपना ध्यान अपने अंतर में केन्द्रित करें। आप अपने शरीर, मन, और आत्मा में एक नयी ऊर्जा, एक नयी शक्ति, एक नयी शान्ति का अनुभव करेंगे।

— परमहंस योगानन्द

अक्टूबर 2024 में, वाईएसएस नोएडा आश्रम में आयोजित होने वाले साधना संगम के दौरान “अपने मन को नियंत्रित कर, ईश्वर को अर्पित करें” विषय पर वाईएसएस संन्यासी स्वामी धैर्यानन्द गिरि द्वारा एक विशेष प्रवचन दिया गया। हिन्दी में दिए गए इस प्रवचन में स्वामी धैर्यानन्द गिरि ने परमहंस योगानन्दजी की शिक्षाओं के माध्यम से यह बताया कि मन को नियंत्रित करना, ईश्वर से अपने सम्बन्ध को गहरा बनाने के लिए एक महत्त्वपूर्ण कदम है।

उन्होंने यह भी बताया कि कैसे एक बेचैन एवं अशासित मन ईश्वर-प्राप्ति में सबसे बड़ी बाधा है। और नियमित ध्यान, आत्मानुशासन, एवं मन को शांत रखने के अभ्यास के द्वारा कैसे हम अपने विचारों एवं भावनाओं को वश में करके इस मन को ईश्वर को अर्पित करने योग्य पवित्र बना सकते हैं।

नए आगंतुक

परमहंस योगानन्दजी और उनकी शिक्षाओं के बारे में और अधिक जानने के लिए नीचे दिए गए लिंक्स पर जाएँ :

ऑटोबायोग्राफी ऑफ़ ए योगी

विश्वभर में एक आध्यात्मिक उत्कृष्ट कृति के रूप में सराही जाने वाली इस पुस्तक के विषय में परमहंसजी प्रायः कहा करते थे, “जब मैं चला जाऊँगा यह पुस्तक मेरी सन्देशवाहक होगी।”

वाईएसएस पाठमाला

एक गृह-अध्ययन पाठमाला जो आपके जीवन को ऐसे असाधारण ढंग से रूपांतरित कर देती है जिसकी आपने कभी कल्पना भी न की होगी, और आपको एक संतुलित एवं सफल जीवन जीने में सहायता करती है।

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