अपना ध्यान अपने अंतर में केन्द्रित करें। आप अपने शरीर, मन, और आत्मा में एक नयी ऊर्जा, एक नयी शक्ति, एक नयी शान्ति का अनुभव करेंगे।
— परमहंस योगानन्द
अक्टूबर 2024 में, वाईएसएस नोएडा आश्रम में आयोजित होने वाले साधना संगम के दौरान “अपने मन को नियंत्रित कर, ईश्वर को अर्पित करें” विषय पर वाईएसएस संन्यासी स्वामी धैर्यानन्द गिरि द्वारा एक विशेष प्रवचन दिया गया। हिन्दी में दिए गए इस प्रवचन में स्वामी धैर्यानन्द गिरि ने परमहंस योगानन्दजी की शिक्षाओं के माध्यम से यह बताया कि मन को नियंत्रित करना, ईश्वर से अपने सम्बन्ध को गहरा बनाने के लिए एक महत्त्वपूर्ण कदम है।
उन्होंने यह भी बताया कि कैसे एक बेचैन एवं अशासित मन ईश्वर-प्राप्ति में सबसे बड़ी बाधा है। और नियमित ध्यान, आत्मानुशासन, एवं मन को शांत रखने के अभ्यास के द्वारा कैसे हम अपने विचारों एवं भावनाओं को वश में करके इस मन को ईश्वर को अर्पित करने योग्य पवित्र बना सकते हैं।
आप इन्हें भी देख सकते हैं :
- परमहंस योगानन्दजी द्वारा “प्रतिज्ञापन के साथ आपके अवचेतन मन में सकारात्मक विचारों की स्थापना”
- “Overcoming Fears and Mental Ruts: Using the Mind to Free the Mind” — by Swami Govindananda Giri
- “Strengthening the Power of the Mind” — An audio by Sri Daya Mata
- “Harnessing the Power of the Mind” — by Swami Govindananda Giri
- नए साधक के लिए ध्यान की विधि
- निर्देशित ध्यान
















