“गुरु : मुक्ति का द्वार”

(वाईएसएस संन्यासी द्वारा हिन्दी में एक आध्यात्मिक सत्संग)

शनिवार, 3 जनवरी, 2026

शाम 6:30 बजे

– शाम 7:30 बजे

(भारतीय समयानुसार)

परमहंस योगानन्द जन्मोत्सव सत्संग हिन्दी में

कार्यक्रम के विवरण

परमहंस योगानन्दजी के जन्मोत्सव के पावन अवसर पर, भक्त के जीवन में आध्यात्मिक ज्ञान, दिव्य प्रज्ञा प्रदान कर अज्ञान का निवारण करने वाले माध्यम के रूप में गुरु के महत्व पर, शनिवार, 3 जनवरी को “गुरु : मुक्ति का द्वार” शीर्षक पर वाईएसएस संन्यासी द्वारा हिन्दी में एक ऑनलाइन सत्संग दिया गया।

योगानन्दजी की शिक्षाओं पर आधारित इस प्रेरक सत्संग में स्वामी धैर्यानन्द ने समझाया कि एक योगी “गुरु को ईश्वर के प्रकट दूत और मोक्ष के माध्यम के रूप में पहचानता है।” उन्होंने बताया कि ईश्वर एक सच्चे साधक की सहायता के लिए गुरु को भेजते हैं — एक ऐसा ईश्वर-प्राप्त व्यक्ति जिसे ईश्वर के द्वारा ही दिव्य रूप से नियुक्त किया गया है कि वह साधक को शिष्य के रूप में स्वीकार करे और उसे अज्ञान के अंधकार से ज्ञान के प्रकाश की ओर ले जाए।

पूरे देश में स्थित वाईएसएस के आश्रमों, केन्द्रों एवं मण्डलियों में भी गुरुदेव का जन्मोत्सव हार्दिक श्रद्धा और कृतज्ञता के साथ मनाया गया। अपने निकट एक वाईएसएस ध्यान केन्द्र ढूँढ़ने के लिए, कृपया यहाँ क्लिक करें।

वाईएसएस के भक्त और मित्र गुरुदेव के जन्मोत्सव को एक आदर्श अवसर मानते हैं जिस पर वे हमारे प्रिय परमहंसजी को उनके आध्यात्मिक और धर्मार्थ कार्यों में सहयोग देकर हमारे आध्यात्मिक मार्ग पर उनके नित्य मार्गदर्शन और आशीर्वाद के लिए अपनी कृतज्ञता अर्पित करते हैं। यदि आप प्रणामी अर्पित करना चाहें, तो कृपया नीचे दिए गए लिंक पर जाएँ।

अधिक जानकारी के लिए आप निम्नलिखित लिंक देख सकते हैं :

नए आगंतुक

परमहंस योगानन्दजी और उनकी शिक्षाओं के बारे में और अधिक जानने के लिए नीचे दिए गए लिंक्स पर जाएँ :

ऑटोबायोग्राफी ऑफ़ ए योगी

विश्वभर में एक आध्यात्मिक उत्कृष्ट कृति के रूप में सराही जाने वाली इस पुस्तक के विषय में परमहंसजी प्रायः कहा करते थे, “जब मैं चला जाऊँगा यह पुस्तक मेरी सन्देशवाहक होगी।”

वाईएसएस पाठमाला

एक गृह-अध्ययन पाठमाला जो आपके जीवन को ऐसे असाधारण ढंग से रूपांतरित कर देती है जिसकी आपने कभी कल्पना भी न की होगी, और आपको एक संतुलित एवं सफल जीवन जीने में सहायता करती है।

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