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स्वामी श्रीयुक्तेश्वरजी के आविर्भाव दिवस पर
विशेष ध्यान

शनिवार, 10 मई, 2025

सुबह 6:30 बजे

– सुबह 8:00 बजे

(भारतीय समयानुसार)

कार्यक्रम के विवरण

योगानन्दजी ने कहा, “आप उन लोगों के वास्तविक स्वभाव की थाह नहीं ले सकते जो ईश्वर को जानते हैं, क्योंकि उनकी गहराई अथाह है। मेरे गुरुदेव स्वामी श्रीयुक्तेश्वरजी ऐसे ही थे। वे प्रत्येक वस्तु से विलग थे। ईश्वर के साथ संयुक्त होना तथा इस प्रकार से अन्य सभी वस्तुओं से अनासक्त होना योग है।”

योगदा सत्संग सोसाइटी ऑफ़ इण्डिया के संन्यासी द्वारा शनिवार, 10 मई को वाईएसएस/एसआरएफ़ भक्तों के परमगुरु स्वामी श्रीयुक्तेश्वरजी के आविर्भाव दिवस (जन्मदिन) के सम्मान में एक विशेष ध्यान-सत्र का आयोजन किया गया। इस ऑनलाइन कार्यक्रम में चैंटिंग, ध्यान और प्रेरणादायक पठन शामिल थे।

इस दिन, वाईएसएस आश्रमों, केन्द्रों और मंडलियों में भी व्यक्तिगत रूप से विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए।

स्वामी श्रीयुक्तेश्वर गिरि के आविर्भाव दिवस का विशेष अवसर भक्तों के लिए गुरु-प्रणामी अर्पित करके प्राप्त अनेक आशीर्वादों के लिए अपनी कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर है। आपके बहुमूल्य योगदान का उपयोग वाईएसएस/ एसआरएफ़ गुरुओं की मुक्तिदायिनी शिक्षाओं के प्रसार के लिए किया जाएगा।

यदि आप चाहें, तो नीचे दिए गए बटन पर क्लिक करके यह दान ऑनलाइन कर सकते हैं।

नए आगंतुक

परमहंस योगानन्दजी और उनकी शिक्षाओं के बारे में और अधिक जानने के लिए नीचे दिए गए लिंक्स पर जाएँ :

ऑटोबायोग्राफी ऑफ़ ए योगी

विश्वभर में एक आध्यात्मिक उत्कृष्ट कृति के रूप में सराही जाने वाली इस पुस्तक के विषय में परमहंसजी प्रायः कहा करते थे, “जब मैं चला जाऊँगा यह पुस्तक मेरी सन्देशवाहक होगी।”

वाईएसएस पाठमाला

एक गृह-अध्ययन पाठमाला जो आपके जीवन को ऐसे असाधारण ढंग से रूपांतरित कर देती है जिसकी आपने कभी कल्पना भी न की होगी, और आपको एक संतुलित एवं सफल जीवन जीने में सहायता करती है।

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