योगदा सत्संग शाखा आश्रम, द्वाराहाट

Ashram Dwarahat uttarakhand 2

द्वाराहाट, ज़िला अलमोड़ा, उत्तराखंड – 263653
फ़ोन: 9756082167; (05966) 244271, 244671
फ़ोन पर बात करने का समय: सुबह 8:30 से सायं 4:30 तक
ई-मेल: [email protected]

वेब लिंक : https://dwarahat.yssashram.org

द्वाराहाट, उत्तराखंड राज्य के कुमाऊँ क्षेत्र में ज़िला अलमोड़ा के अन्तर्गत एक छोटा सा शहर है। इसकी समुद्र तल से औसत ऊँचाई 1500 मीटर (5000 फ़ुट) है। यहाँ का जलवायु वर्ष भर ठंडा ही रहता है तथा शीतकाल के महीनों (नवम्बर से फ़रवरी तक) में विशेष रूप से अत्यधिक ठंडा हो जाता है।
योगदा आश्रम, द्वाराहाट शहर से लगभग 1.5 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है तथा सभी ओर से चीड़ के जंगल से घिरा हुआ है। शहर से आश्रम की ओर आते समय रास्ते में, दाहिनी ओर राज्य सरकार का एक विश्राम गृह है, जहाँ श्री श्री दया माता जी सन 1963-64 की अपनी बाबाजी की गुफा की यात्रा के दौरान ठहरी थीं, चूँकि उस समय तक यहाँ पर योगदा आश्रम नहीं बन पाया था।

महावतार बाबाजी की गुफ़ा

इस गुफ़ा के ऐतिहासिक महत्व को समझने के लिए, भक्तों को यह सुझाव दिया जाता है कि वे ‘योगी कथामृत’ पुस्तक के प्रकरण 34 “हिमालयमें महल का सृजन” तथा श्री श्री दया माताजी की पुस्तक ‘केवल प्रेम’ से प्रकरण ‘महावतार बाबाजी का आशीर्वाद’ को पढ़ें।

बाबाजी की गुफ़ा का क्षेत्र वह क्षेत्र है जहाँ बाबाजी ने सन 1861 में लाहिड़ी महाशय को दीक्षा प्रदान की थी तथा इस द्वापर युग में क्रिया योग की जन्म स्थली भी है। विश्व भर के सभी क्रिया योगी अपनी गुरु परम्परा को इस घटना से जोड़ सकते हैं। (2011- क्रिया योग की 150वीं वर्ष गाँठ)

यह गुफ़ा पांडुखोली पर्वत पर कूक्कूछिना गाँव (द्वाराहाट से 25 किलोमीटर की दूरी पर) से थोड़ा सा आगे स्थित है।

गुफ़ा तक जाने के लिए पर्वतीय मार्ग का पुनर्निर्माण कराया गया है। एक सामान्य व्यक्ति को यहाँ से गुफ़ा तक की चढ़ाई में लगभग एक घंटे का समय लग जाता है। बरसात के दिनों में रास्ते के साथ साथ कुछ धाराएँ भी बहती हैं, जो की योगी कथामृत में वर्णित ‘गगास’ नदी में जा मिलती हैं।

आश्रम से गुफ़ा तक जाने और वापिस आने तक की यात्रा में लगभग छः से आठ घंटों का समय लग जाता है।

अधिक जानकारी के लिए कृपया द्वाराहाट आश्रम से सम्पर्क करें।

dwarhat

आवास सुविधा

योगदा सत्संग तथा सेल्फ़ रियलाईजे़शन की पाठमाला के सदस्य, जो कि इन पाठ्यक्रमों में सिखायी जाने वाली दैनिक ध्यान प्रविधियों का अभ्यास करते हैं, उनका इस आश्रम की दिनचर्या में भाग लेकर अपना आध्यात्मिक पुनरुत्थान करने हेतु ठहरने की उचित व्यवस्था है।

समारोह तथा उत्सव

आश्रम में प्रतिवर्ष दो चिकित्सा शिविरों (अप्रैल तथा नवम्बर माह में), एक संचालित रिट्रीट मार्च के महीने में, सितम्बर 26-30 तक साधना संगम, जिसमें क्रिया दीक्षा समारोह भी सम्मिलित होता है, का आयोजन किया जाता है। इसके अतिरिक्त 25 जुलाई को बाबाजी स्मृति दिवस के उपलक्ष्य में आश्रम से बाबाजी की गुफ़ा तक एक शोभा यात्रा निकाली जाती है तथा 05 जनवरी, गुरुदेव के जन्म दिवस पर, योगदा सत्संग द्वाराहाट विद्यालय (बाल कृष्णालय) के बच्चों तथा योगदा भक्तों के साथ सुबह सुबह आश्रम से द्वाराहाट शहर तक शोभायात्रा निकाली जाती है, संध्या के समय आश्रम परिसर में स्थानीय निवासियों द्वारा भजन गाये जाते हैं तथा रात्रि में स्मरण उत्सव कार्यक्रम का आयोजन किया जाता है।

चिकित्सकों तथा योगदा के स्वयंसेवक भक्तों का इन चिकित्सा शिविरों के आयोजन करने में योगदान देने हेतु स्वागत है। इच्छुक भक्तगण इस विषय पर द्वाराहाट आश्रम के प्रभारी स्वामीजी से फ़ोन या इमेल द्वारा सम्पर्क कर सकते हैं।

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