YSS

कोविड-19 राहत कार्य के लिए अपील

9 अप्रैल, 2020

मानवजाति वर्तमान समय में कोविड-19 नामक विश्वव्यापी संकट का सामना कर रही है । यह समय अपनी दैनिक प्रार्थनाओं में संसार को सम्मिलित करने का, और साथ ही गुरुदेव के मार्गदर्शन, “जीवन मुख्य रूप से सेवा है”, का पालन करने का है। यह भावना हमें सेवा करने का अवसर प्रदान करती है, और हम आपको गरीबों और ज़रूरतमंदों की सहायता करने के हमारे प्रयासों में सम्मिलित होने के लिए आमंत्रित करना चाहते हैं; वे लोग जो वर्तमान संकट से सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं, जो पीड़ित हैं, और जिनको जीवित रहने के लिए अपनी बुनियादी ज़रूरतों को पूरा करने की आवश्यकता है – मुख्य रूप से प्रवासी श्रमिक, दिहाड़ी मजदूर, बेसहारा और ग्रामीण लोग। समय की आवश्यकता दोहरी है :जीवन की रक्षा के लिए चिकित्सा और दवाएं प्रदान करना, और यह सुनिश्चित करना कि तालाबंदी के कारण कोई भी भूखा न रहे।

भारत सरकार ने सभी धर्मार्थ संगठनों से अपील की है कि वे इस महामारी को रोकने के लिए सरकार के प्रयासों में सहयोग करें। इस आह्वान के उत्तर में, YSS इस लड़ाई को जीतने के लिए देशव्यापी प्रयासों में शामिल हो गया है। एक ऐसी संस्था होने के नाते जो पूरी तरह दान पर निर्भर है, अब पहले से कहीं अधिक, वाईएसएस अपने भक्तों पर भरोसा कर रहा है कि वे गुरुजी के इस आदर्श का समर्थन करेंगे कि मानवजाति को अपना ही बृहद स्वरुप समझकर उसकी सेवा करनी चाहिए।

हमारा लक्ष्य गरीबों और बिलकुल बेसहारों तक पहुंचना है, जो इस समय सबसे अधिक पीड़ित हैं: ऐसे लोग जो स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित हैं , या तालाबंदी के कारण अपनी दैनिक मजदूरी नहीं कमा पा रहे हैं। हमारे आश्रम और कुछ प्रमुख ध्यान केंद्र, स्थानीय प्रशासन के संपर्क में हैं और ऐसे समुदायों की पहचान करने और उनकी सहायता करने का प्रयास कर रहे हैं जिनमें बुजुर्ग, अनाथ, दिहाड़ी मजदूर, ग्रामीण क्षेत्रों के लोग और कुष्ठ रोग से पीड़ित लोग सम्मिलित हैं। हम चावल, दाल, तेल इत्यादि राशन की सामग्री को खरीदकर सरकार द्वारा अधिकृत गैर सरकारी संगठनों की मदद से इन लोगों में वितरित करने की योजना बना रहे हैं । हम सहायता सामग्री पैकेट में अन्य आवश्यक वस्तुओं को भी शामिल करने पर विचार कर रहे हैं, जैसे दवाईयाँ, साबुन, सैनिटाइज़र और सुरक्षात्मक सामग्री जैसे मास्क, दस्ताने आदि।

जो लोग इस नेक काम में योगदान करने के इच्छुक हैं वे ऑनलाइन दान कर सकते हैं। कृपया ध्यान दें कि वर्तमान में हम केवल ऑनलाइन दान स्वीकार कर पा रहे हैं।

कृपया ध्यान दें कि योगदा सत्संग सोसाइटी ऑफ इंडिया को आयकर अधिनियम, 1961 के अंतर्गत एक धर्मार्थ संस्था के रूप में मान्यता प्राप्त है। इस अधिनियम के अनुच्छेद 80-G के तहत, इस संस्था (PAN: AAATY0283H) को दी गयी दान-राशि पर आयकर नहीं लगता है।

यदि आप जानना चाहते हैं कि आप इस संस्था को दान किस प्रकार भेज सकते हैं, या दान-राशि को ऑनलाइन भेजने में आपको कठिनाई हो रही है, या फिर आप हमारे राहत कार्य में किसी अन्य प्रकार से योगदान देना चाहते हैं, तो कृपया रांची हेल्प-डेस्क से ईमेल द्वारा ([email protected] ) या फोन द्वारा संपर्क करें। फोन: +91 (651) 6655 555 (सोम-शनि : 9 बजे से 4 बजे तक)

ऐसे समय में योगदा के भक्त एक और तरीके से भी अपना योगदान दे सकते हैं। वे वाईएसएस संन्यासियों और विश्वव्यापी प्रार्थना मण्डल की प्रार्थनाओं में शामिल हो सकते हैं, जो पूरी मानवजाति के स्वास्थ्य और मंगल के लिए प्रतिदिन की जाती हैं। अधिक जानकारी के लिए हमारे इस वेबपेज पर जाएँ।

गुरुदेव के इन शब्दों से हम प्रेरणा प्राप्त कर सकते हैं : “दूसरों को आध्यात्मिक, मानसिक, एवं भौतिक सेवा प्रदान करने के द्वारा, आप अपनी व्यक्तिगत आवश्यकताओं को पूरा होता पाएँगे।”

हमारी ईश्वर से प्रार्थना है कि आप सदा सुरक्शित रहें, और साथ ही चिकित्सा विशेषज्ञों तथा सरकार द्वारा दिये गए निर्देशों का पालन करते हुए दूसरों की सुरक्षा भी सुनिश्चित करें। ऐसा करने से, और इस प्रकार सब के लिए सद्भावना और शुभेच्छा व्यक्त करने से, आप ईश्वर और महान गुरुओं को बहुत प्रसन्न करेंगे।

ईश्वर का प्रेम आपको और आपके प्रियजनों को सभी विपदाओं से सदा सुरक्शित रखे।

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