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योगदा सत्संग पत्रिका के लिए एक नई दिशा

परमहंस योगानन्दजी ने 1925 में पहली बार सेल्फ़-रियलाईज़ेशन (योगदा सत्संग) का, अमेरिका में फैले अपनी कक्षाओं के हज़ारों शिष्यों से नियमित संपर्क माध्यम के रूप में परिचय कराते हुए कहा, “मैं इस पत्रिका के स्तंभों के ज़रिए आप सब से संवाद  करूंगा।” एक शताब्दी से, आध्यात्मिक जीवन शैली की यह

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जन्माष्टमी-2021-अंग्रेज़ी

परमहंस योगानन्दजी के आश्रमों से जन्माष्टमी पर संदेश

“रूप और आकार में सुन्दर, आकर्षण और व्यवहार में अत्यन्त सम्मोहक, दिव्य प्रेम की मूर्ति, सबके हृदयों को आनन्दित करने वाले, छोटे बालक श्रीकृष्ण, समुदाय में प्रत्येक को परमप्रिय थे….” — परमहंस योगानन्द, “ईश्वर-अर्जुन संवाद : श्रीमद्भगवद्गीता” से प्रिय जनों, भगवान श्रीकृष्ण की जयंती पर, जब हम पूरे संसार में

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स्वामी चिदानन्द गिरि का गुरु पूर्णिमा 2021 पर संदेश

“ओ अविनाशी शिक्षक, मैं आपको मूक ईश्वर की मुखर वाणी के रूप में नमन करता हूं। मैं आपको मोक्ष के मंदिर तक जाने वाले दिव्य द्वार के रूप में नमन करता हूं।” —Sri Sri Paramahansa Yogananda प्रिय जनों, गुरु पूर्णिमा के इस विशेष दिवस पर मैं आपको हार्दिक बधाई एवं

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हार्दिक कृतज्ञता — आपके सहयोग ने जानें बचाईं और हज़ारों को आश्वस्त किया

प्रिय दिव्य आत्मन, हाल के सप्ताहों में, भारत भर में कहर बरपाने वाली, कोविड-19 महामारी की दूसरी लहर ने, अभूतपूर्व मानवीय संकट पैदा कर दिया, जिसने देश में प्रत्येक के परिवार और मित्रों को प्रभावित किया। वाईएसएस/एसआरएफ़ अध्यक्ष ने सुध ली हमारे आदरणीय अध्यक्ष श्री श्री स्वामी चिदानन्द गिरि ने

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राष्ट्रव्यापी कोविड-19 राहत गतिविधियों में वाईएसएस की भागीदारी

प्रिय दिव्य आत्मन्, कोविड-19 महामारी की दूसरी लहर ने भारत को एक अभूतपूर्व संकट में घेर लिया है। देश उन बड़ी चुनौतियों से उबरने के लिए संघर्ष कर रहा है, जिसमें चिकित्सीय सुविधाओं व उपकरणों का अभाव, कई ज़रूरी चिकित्सा आपूर्तियों की भयंकर कमी, और बेहद ज़रूरतमंद तथा अक्सर जीवन

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स्मृतिशेष – स्वामी हितेषानन्द गिरि (1953 – 2021)

हम आपको सूचित करना चाहते हैं कि हमारे गुरुदेव की योगदा सत्संग सोसाइटी ऑफ़ इण्डिया के एक वरिष्ठ संन्यासी शिष्य, हमारे श्रद्धेय स्वामी हितेषानन्द गिरि का 11 मई,  2021 को देहावसान हो गया है। कोविड के प्राथमिक लक्षण दिखते ही, उन्हें स्थानीय राँची अस्पताल ले जाया गया,जहां वह वायरस के

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भारत में गुरुदेव के शिष्यों के लिए स्वामी चिदानन्दजी का एक प्रेरणादायक संदेश और प्रार्थनाओं का आश्वासन

प्रिय आत्मन्, अपने प्रिय भारत में इतने सारे भक्तों को कोविड महामारी से प्रभावित देखकर, मैं आपको यह बताना चाहता हूँ कि मैं आप सब के लिए गहनतम प्रार्थनाएँ कर रहा हूँ, और मानसदर्शन कर रहा हूँ कि आप सब ईश्वर के दिव्य प्रकाश और आशीर्वादों से घिरे हुए हैं

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आपके प्रेम और समर्थन के लिए हमारा हार्दिक धन्यवाद

“मैं जानता हूँ कि यदि मेरे पास कुछ भी नहीं होता, तब भी मैंने आप सब में ऐसे मित्र पाए हैं जो मेरे लिए सब कुछ कर सकते हैं। और आप सब जानते हो कि मुझ में आपको एक ऐसा मित्र मिला है जो सब तरह से आपकी सहायता करेगा।

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ऑनलाइन सार्वजनिक सत्संग 2020-21

प्रति वर्ष, योगदा सत्संग के संन्यासियों को कॉर्पोरेट संगठनों, शैक्षिक संस्थानों और संघों से आदर्श जीवन जीने की कला के कई विषयों पर सार्वजनिक सत्संग देने के लिए निमंत्रित किया जाता है। पिछले वर्ष, कोविड-19 महामारी के दौरान, चिंताओं का मुकाबला करने, आध्यात्मिकता के साथ कर्तव्यों का संतुलन बनाने आदि

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Blankets distribution During Janmotsav, Dwarahat

जन्मोत्सव 2021 के अवसर पर किए गए सेवा कार्य

हर वर्ष, 5 जनवरी प्रत्येक वाइएसएस भक्त के लिए एक अत्यंत पावन दिवस होता है क्योंकि यह दिन हमारे परमप्रिय गुरुदेव श्री श्री परमहंस योगानन्द का आविर्भाव दिवस है। ग़रीबों की सेवा द्वारा गुरु को श्रद्धांजलि अर्पित करना इस विशेष दिवस को मनाने का एक भाग हमेशा रहा है। यह

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