वाईएसएस न्यूज़लेटर और अपील – दिसम्बर 2025

3 दिसम्बर, 2025
परमहंस योगानन्द — वाईएसएस अपील नवम्बर 2025

“मैं जानता हूँ कि वह ईश्वर ही है जो मेरे मुख से बोलते हैं। सेल्फ़-रियलाइज़ेशन फ़ेलोशिप की वाणी ईश्वर की वाणी है। उसका अनुसरण करें। ईश्वर की भूखी महान्-महान् आत्मायें इस मार्ग का अनुसरण कर रही हैं और ईश्वर सान्निध्य का अमृतपान कर रही हैं। इन शिक्षाओं का अभ्यास करें, तब आप भी देखेंगे जीवन कितना सुन्दर बन जाता है।”

— श्री श्री परमहंस योगानन्द

प्रिय दिव्य आत्मन्,

गुरुदेव श्री श्री परमहंस योगानन्द के आश्रमों में हम सभी की ओर से अभिवादन और सस्नेह प्रणाम।

आपकी प्रार्थनाओं, सद्भावना, और निरंतर सहयोग के माध्यम से प्राप्त अनेक उपलब्धियों को आपके साथ साझा करते हुए हमें अपार प्रसन्नता हो रही है।

इस वर्ष की अनेक उपलब्धियों में से कुछ इस प्रकार हैं :

यह सब आप जैसे भक्तों के प्रेम और उदारता से ही संभव है। हार्दिक कृतज्ञता के साथ, हम आपको इन उपलब्धियों के आनंद में सम्मिलित होने और गुरुजी की उत्कृष्ट क्रियायोग शिक्षाओं के माध्यम से समस्त मानवजाति का आध्यात्मिक उत्थान करने वाले उनके दिव्य कार्य की प्रगति में हमारे साथ यात्रा जारी रखने के लिए आमंत्रित करते हैं। आपका दान — चाहे ऑनलाइन किया गया हो या आपके निकटतम वाईएसएस आश्रम, केन्द्र, अथवा मण्डली में — असंख्य आत्माओं के लिए दिव्य प्रेरणा, आशा और सांत्वना लाने में सहायक होता है।

ईश्वर और गुरुजनों के आशीर्वाद सदैव आपको और आपके प्रियजनों को मार्गदर्शन एवं शक्ति प्रदान करें।

दिव्य मैत्री में,
योगदा सत्संग सोसाइटी ऑफ़ इण्डिया

आध्यात्मिक कार्यक्रम और जनसंपर्क

वाईएसएस नोएडा आश्रम में स्वामीजी के सत्संग के पश्चात् उन्हें प्रणाम करते श्रद्धालु।

वाईएसएस ने इस वर्ष अनेक आध्यात्मिक कार्यक्रम और जनसंपर्क गतिविधियाँ आयोजित कीं :

  • हमारे आदरणीय अध्यक्ष एवं आध्यात्मिक प्रमुख श्री श्री स्वामी चिदानन्द गिरि की बेंगलुरु, चेन्नई, अहमदाबाद, नोएडा और काठमांडू की यात्रा ने हज़ारों भक्तों को प्रेरणा एवं उन्नयन प्रदान किया
  • वाईएसएस कुंभ मेला शिविर ने 2,500 से अधिक वाईएसएस/एसआरएफ़ भक्तों की मेज़बानी की, जहाँ दैनिक सामूहिक ध्यान, कीर्तन, एवं सत्संगों का आयोजन किया गया और एक धर्मार्थ चिकित्सालय के माध्यम से हज़ारों तीर्थयात्रियों की सेवा भी की गई
  • लगभग 10,000 श्रद्धालुओं ने संन्यासियों के नेतृत्व में आयोजित साधना संगमों, सार्वजनिक प्रवचनों और क्रिया दीक्षाओं में भाग लिया, जो वाईएसएस आश्रमों के साथ-साथ पूरे भारत एवं नेपाल के शहरों में भी संपन्न हुए
  • अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के कार्यक्रम प्रत्यक्ष कार्यक्रमों के माध्यम से हज़ारों लोगों तक पहुँचे और 70,000 से अधिक ऑनलाइन अवलोकन हुए
  • भारत भर में आयोजित 40 पुस्तक मेलों में हमारी सहभागिता ने असंख्य तत्त्व-जिज्ञासुओं को गुरुदेव की शिक्षाओं से परिचित कराया

इन कार्यक्रमों में भाग लेने वाले कुछ भक्तों के अनुभव नीचे साझा किए जा रहे हैं :

आश्रम और केन्द्र विकास

दक्षिण भारत में एक आध्यात्मिक आश्रय स्थल का निर्माण :

सितम्बर 2024 में, हमारे आदरणीय अध्यक्ष स्वामी चिदानन्दजी ने वाईएसएस चेन्नई रिट्रीट को एक पूर्ण वाईएसएस आश्रम के रूप में विकसित करने की औपचारिक रूप से घोषणा की। हम प्रार्थना करते हैं कि यह आश्रम जो वर्तमान और भविष्य में अनेक सत्यान्वेषियों को ईश्वर-एकात्मता, सत्संग, और दिव्य प्रेरणा के प्रति आकर्षित करेगा — के निर्माण की आवश्यकता को और अधिक दृढ़ता प्रदान की है।

इस पवित्र स्वप्न को साकार करने के लिए कुशल वास्तुकारों और अभियंताओं की निपुणता का प्रयोग करते हुए एक व्यापक मास्टर प्लान तैयार किया गया है। हमारा लक्ष्य एक शांत, हरे-भरे, सुंदर भूदृश्य वाले परिसर का निर्माण करना है जहाँ भक्तजन आकर, माँ प्रकृति की गोद में रहते हुए, गहन ध्यान तथा गुरुदेव की शिक्षाओं के अध्ययन एवं चिंतन में लीन हो सकें।

ध्यान कक्ष का वास्तुशिल्प चित्रण
आवास खण्ड का स्थापत्य चित्रण

इस वर्ष फरवरी में अपनी यात्रा के दौरान, स्वामी चिदानन्दजी ने व्यक्तिगत रूप से चेन्नई आश्रम की यात्रा की और मास्टर प्लान की समीक्षा की तथा उन्होंने इस परियोजना को अपना आशीर्वाद प्रदान किया।

परियोजना के अंतर्गत नींव संबंधी कार्यों और चरण I के लिए कुल वित्तीय आवश्यकता ₹65 करोड़ है। इस लक्ष्य को साकार करने में आपके सहयोग का हम हार्दिक स्वागत करते हैं।

स्वामी स्मरणानन्द ने इस विशेष अवसर पर
भक्तों को संबोधित किया।

तुनी में नया ध्यान मन्दिर :

हमें यह बताते हुए अत्यंत प्रसन्नता हो रही है कि योगदा सत्संग ध्यान केन्द्र — तुनी (आंध्रप्रदेश के काकीनाडा जिले में स्थित) के भक्तों ने अथक समर्पण और हार्दिक उत्साह के साथ एक सुंदर नए ध्यान मन्दिर का निर्माण कार्य पूरा कर लिया है। जिसका उद्घाटन इस वर्ष 25 जुलाई को किया गया था। इस पावन अवसर पर 200 से अधिक भक्तों ने भाग लिया।

युवा कार्यक्रम और शिक्षा

युवा साधक संगम :

वाईएसएस ने युवा साधकों — 23 से 35 वर्ष आयु वर्ग के भक्तों — के लिए राँची आश्रम में 10 से 14 सितम्बर, 2025 तक अपना पहला साधना संगम आयोजित किया, जिसमें 200 से अधिक साधकों ने भाग लिया। यह विशेष आयोजन जीवन में स्पष्टता, शक्ति, और उद्देश्य विकसित करने हेतु श्री श्री परमहंस योगानन्द की सार्वभौमिक शिक्षाओं में यवुाओं की गहन होती रुचि को दर्शाता है।

विचारपूर्वक तैयार किए गए इस कार्यक्रम में निर्देशित ध्यान, वाईएसएस पाठों का सामूहिक अध्ययन, सत्संग, कार्यशालाएँ, सेवा के अवसर, मनोरंजन, और रात्रिकालीन आत्मनिरीक्षण शामिल थे — प्रत्येक अंग गुरुजी की शिक्षाओं पर आधारित एक संतुलित जीवन शैली को प्रेरित करता है। संगम ने युवा भक्तों को गुरुजी के मार्गदर्शन में लीन होने, स्थायी आध्यात्मिक मैत्री का निर्माण करने, तथा अपने आंतरिक जीवन को सुदृढ़ बनाने के लिए व्यावहारिक साधनों के साथ घर लौटने का एक महान् अवसर प्रदान किया।

राँची, नोएडा, द्वाराहाट, और चेन्नई में बच्चों के लिए ग्रीष्मकालीन शिविर :

श्री श्री परमहंस योगानन्द के सरल एवं समग्र जीवन के आदर्श से प्रेरित होकर इस वर्ष हमारे राँची, नोएडा, द्वाराहाट, और चेन्नई स्थित आश्रमों में हर्षोल्लास के साथ बालकों और बालिकाओं के लिए वार्षिक ग्रीष्मकालीन शिविरों का आयोजन किया गया। अनुभवी भक्त-शिक्षकों के मार्गदर्शन में, बच्चों ने एकाग्रता, चरित्र के विकास, इच्छाशक्ति, और आत्मनिरीक्षण के विषय में शिक्षा प्राप्त करने के लिए “आदर्श-जीवन” कक्षाओं की एक श्रृंखला में भाग लिया। उनके दैनिक कार्यक्रम में सामूहिक ध्यान, शक्ति-संचार व्यायाम, योगासन, और चित्रकला एवं शिल्प जैसी रचनात्मक गतिविधियाँ सम्मिलित थीं।

जगन्नाथपुर, राँची में वाईएसएस शैक्षणिक संस्थान :

राँची स्थित वाईएसएस शिक्षण संस्थानों के छात्रों ने राज्य-स्तरीय अकादमिक परिणामों में उत्कृष्ट सफलता प्राप्त की। ये उपलब्धियाँ न केवल हमारे विद्यार्थियों और शिक्षकों की कड़ी मेहनत, अपितु गुरुजी के आदर्श-जीवन सिद्धांतों के उत्थानकारी प्रभाव का भी प्रमाण हैं, जो युवा मन को आध्यात्मिक मूल्यों पर दृढ़ रहते हुए उत्कृष्टता के लिए प्रयास करने हेतु प्रेरित करते हैं।

ऑनलाइन और डिजिटल जनसंपर्क

वाईएसएस वेबसाइट अब बंगला और कन्नड़ में भी उपलब्ध :

हमें यह बताते हुए प्रसन्नता हो रही है कि वाईएसएस वेबसाइट अब अंग्रेज़ी, हिन्दी, तमिल, और तेलुगु के अतिरिक्त बंगला और कन्नड़ में भी उपलब्ध है — जिससे गुरुजी की शिक्षाएँ और वेबसाइट पर उपलब्ध आध्यात्मिक संसाधनों का खजाना और भी अधिक भक्तों के लिए उनकी अपनी मातृभाषा में सुलभ हो गया है।

ऑनलाइन ध्यान केन्द्र पर विस्तारित प्रस्तुतियाँ :

पूरे भारत के भक्तों को बेहतर सेवा प्रदान करने के लिए, ऑनलाइन ध्यान केन्द्र ने वर्तमान अंग्रेज़ी, हिन्दी, बंगला, कन्नड़, तमिल, और तेलुगु भाषाओं में आयोजित होने वाले ध्यान कार्यक्रमों के साथ-साथ मलयालम में भी भक्तों द्वारा निर्देशित ध्यान कार्यक्रम प्रारंभ किए हैं। इसके अतिरिक्त, प्रत्येक शुक्रवार को आयोजित होने वाले, मूल पाठमाला अध्ययन समूह के साथ-साथ, अब प्रत्येक सोमवार को सायंकाल, अनुपूरक पाठमाला के अध्ययन के लिए एक नया पाठमाला अध्ययन समूह प्रारंभ किया जा रहा है।

ये पहल गुरुदेव की शिक्षाओं को उन अनेक भक्तों के घर तक पहुँचाने में सहायता कर रहीं हैं, जो वाईएसएस ध्यान केन्द्र के निकट नहीं रहते हैं — उन्हें सामूहिक ध्यान और आध्यात्मिक अध्ययन का आशीर्वाद प्राप्त हो रहा है।

नवीन प्रकाशन और अनुवाद

तेलुगू में “Inner Peace” का विमोचन
  • विभिन्न भारतीय भाषाओं में सोलह वाईएसएस प्रकाशन (मुद्रित स्वरूप) प्रकाशित किए गए।
  • सात नई ई-बुक्स प्रकाशित की गईं, जिनमें Autobiography of a Yogi के बंगाली, नेपाली और उड़िया भाषाओं में अनुवाद भी सम्मिलित थे।
  • वाईएसएस ने नेपाली और मलयालम में Autobiography of a Yogi की दो नई ऑडियोबुक्स भी जारी कीं।

धर्मार्थ और मानवीय गतिविधियाँ

उत्तराखंड राहत कार्य :

उत्तराखंड में बादल फटने, बाढ़ और भूस्खलन की घटनाओं को ध्यान में रखते हुए योगदा सत्संग सोसाइटी ऑफ़ इण्डिया ने राज्य सरकार को आर्थिक सहायता प्रदान की। सितम्बर में, वाईएसएस संन्यासियों, स्वामी ईश्वरानन्द और स्वामी धैर्यानन्द ने देहरादून में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी से भेंट की और पहले से जारी राहत कार्यों में सहायता करने के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष हेतु ₹25 लाख का एक चेक भेंट किया।

चिकित्सा पहल :

वाईएसएस चेन्नई आश्रम से मात्र 1.5 किलोमीटर दूर स्थित एक धर्मार्थ औषधालय का उद्घाटन इसी वर्ष जून में किया गया। सप्ताह में पाँच दिन खुलने वाला यह औषधालय निःशुल्क परामर्श और दवाइयाँ प्रदान करता है, और अब तक एक हजार से अधिक रोगियों को चिकित्सा सेवा प्रदान कर चुका है।

वाईएसएस द्वाराहाट आश्रम ने 3 चिकित्सा शिविर आयोजित किए, जिनके माध्यम से सुविधा से वंचित समुदायों तक अत्यंत आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँचीं। इन शिविरों से 2,000 से अधिक लोग लाभान्वित हुए।

वार्षिक छात्रवृत्तियाँ :

संसाधनों और सुख-सुविधाओं से वंचित परिवारों के योग्य और मेधावी छात्रों को छात्रवृत्ति प्रदान करके वाईएसएस उनकी निरंतर सेवा कर रहा है। गत वर्ष ₹75 लाख की छात्रवृत्तियों का वितरण किया गया।

हिन्दी में पूर्ण अपील पढ़ने के लिए, कृपया नीचे दिए गए बटन पर क्लिक करें।

आपका सहयोग अत्यंत सराहनीय है

जैसे-जैसे गुरुजी का पवित्र कार्य निरंतर आगे बढ़ रहा है, हमें सत्य और आंतरिक शांति की खोज कर रहे सच्चे साधकों की सेवा करने के नए अवसर प्राप्त हो रहे हैं। यह दिव्य कार्य केवल आप जैसे भक्तों — जो गुरुजी के आत्मा को मुक्ति प्रदान करने वाले क्रियायोग संदेश को ईश्वरीय प्रेम एवं प्रकाश के लिए लालायित असंख्य आत्माओं तक पहुँचाने में सहायता करते हैं — के दृढ़ प्रेम और उदार सहयोग से ही संभव होता है।

इस पवित्र कार्य में सम्मिलित होने के लिए हम आपको हार्दिक आमंत्रण देते हैं। आपका योगदान — donateyss.org पर ऑनलाइन अथवा आपके निकटतम वाईएसएस आश्रम, केन्द्र, या मंडली में जाकर किए गए दान के माध्यम से — असंख्य आत्माओं को दिव्य प्रेरणा, आशा और सांत्वना प्रदान करने में हमारी सहायता करता है।

इस पवित्र कार्य की वृद्धि के लिए आपकी प्रार्थनाएँ, तथा सामूहिक ध्यान, सेवा, और गुरुदेव की शिक्षाओं के दैनिक अभ्यास में आपकी उत्साहपूर्ण भागीदारी, हमारे लिए, तथा ईश्वर और गुरुओं के लिए अत्यंत मूल्यवान है। सहयोग की किसी भी रूप में की गई प्रत्येक अभिव्यक्ति हमारे प्रिय गुरुदेव के प्रेम एवं आनंद का संपूर्ण विश्व में विस्तार करने का एक पवित्र माध्यम बन जाती है।

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