वाईएसएस/एसआरएफ़ के अध्यक्ष और आध्यात्मिक प्रमुख श्री श्री स्वामी चिदानन्दजी का भारत दौरा — 2023

23 जनवरी, 2023

हमें आपको यह सूचित करते हुए बहुत प्रसन्नता हो रही है कि वाईएसएस/एसआरएफ़ के अध्यक्ष और आध्यात्मिक प्रमुख श्री श्री स्वामी चिदानन्द गिरि भारत पहुंच गए हैं और भारत की अपनी महीने भर की यात्रा शुरू करने के लिए 22 जनवरी को नोएडा आश्रम पहुंचे। वाईएसएस नोएडा आश्रम में संन्यासियों और भक्तों द्वारा स्वामीजी का हार्दिक स्वागत किया गया। उनके साथ एसआरएफ़ के स्वामी कमलानन्दजी भी आए हैं।

स्वामी चिदानन्दजी भारत में गुरुजी के बड़े आध्यात्मिक परिवार के साथ समय बिताने के लिए बहुत उत्सुक हैं। अगले कुछ सप्ताहों में स्वामीजी भारत के विभिन्न भागों में वाईएसएस के आश्रमों का दौरा करेंगे तथा 12 से 16 फरवरी तक हैदराबाद में पांच दिवसीय विशेष संगम की अध्यक्षता करेंगे।

संगम के दौरान स्वामी चिदानन्दजी और अन्य संन्यासियों द्वारा संचालित प्रेरणाप्रद प्रवचन और ध्यान (अंग्रेज़ी में), वाईएसएस वेबसाइट और यूट्यूब चैनल पर सीधे प्रसारित किए जाएंगे।

भारत में आगमन

दिल्ली हवाई अड्डे पर स्वामीजी के आगमन और वाईएसएस नोएडा आश्रम में उनके स्वागत की कुछ तस्वीरें साझा करते हुए हमें प्रसन्नता हो रही है।

राँची का दौरा

स्वामी चिदानन्दजी 24 जनवरी 2023 की शाम को योगदा सत्संग शाखा मठ, राँची पहुंचे। स्वामीजी राँची प्रवास के दौरान विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लेंगे। हम उनके राँची पहुंचने की कुछ फ़ोटोसाझा कर रहे हैं।

योगदा सत्संग शैक्षिक परिसर — जगन्नाथपुर (रॉंची) में नई सुविधाओं का लोकार्पण

वाईएसएस/एसआरएफ़ के श्रद्धेय अध्यक्ष और आध्यात्मिक प्रमुख स्वामी चिदानन्दजी ने 29 जनवरी को रॉंची के जगन्नाथपुर में योगदा सत्संग शैक्षिक परिसर में, एक स्मरणीय कार्यक्रम में नई सुविधाओं को समर्पित किया, जिसमें रॉंची शैक्षणिक समुदाय, वाईएसएस संन्यासियो, भक्तों, संकाय के गणमान्य व्यक्तियों तथा वाईएसएस शैक्षणिक संस्थानों के सदस्यों और छात्रों ने भाग लिया। समारोह में 1,100 लोगों ने भाग लिया और इसमें संस्थान के सौ साल से अधिक के इतिहास को प्रदर्शित करने वाली एक लघु वीडियो प्रस्तुति भी शामिल थी।

इन अत्याधुनिक सुविधाओं को प्राचीन गुरुकुल सिद्धांतों के अनुसार बनाया गया था जिसे परमहंस योगानन्दजी ने अपने मूल स्कूल में लागू किया था, जैसे कि प्रकृति के निकट अध्ययन करना। इनमें कक्षाएँ, प्रयोगशालाएँ, एक सभागार और एक प्रशासनिक भवन शामिल हैं। इस आधुनिक स्कूल परिसर का उपयोग समाज के आर्थिक रूप से कमज़ोर वर्ग के छात्र करेंगे।

उद्घाटन समारोह के कुछ चित्र नीचे देखें।

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