भगवान के प्रति प्रेम और मानवता की सेवा का आदर्श परमहंस योगानन्दजी के जीवन में पूर्ण रूप से अभिव्यक्त हुआ। उन्होंने पूर्व और पश्चिम को आध्यात्मिक रूप से एकजुट करने के उद्देश्य से तथा सभी हृदयों में ईश्वर के लिए ललक जगाने हेतु इस धरती पर जन्म लिया था। अपने तरीकों में वे व्यावहारिक थे; उनकी शिक्षाएँ और जीवन एक सच्चे ईश्वर-पुरुष के विवेक को प्रकट करते थे। उन्होंने “स्वस्थ शरीर में स्वस्थ मन” के सिद्धांत को एक कदम आगे बढ़ाते हुए स्थायी सुख की प्राप्ति के लिए अनन्त ईश्वर के साथ सचेत आत्मिक सम्पर्क की आवश्यकता पर ज़ोर दिया।
— Paramahansa Yogananda: In Memoriam से एक अंश
5 जनवरी, हमारे प्रिय गुरुदेव श्री श्री परमहंस योगानन्द के जन्मोत्सव, उनके जन्म दिवस का पवित्र अवसर है। 1893 में गोरखपुर में मुकुन्द लाल घोष के रूप में एक धार्मिक बंगाली परिवार में जन्मे, योगानन्दजी ने 1917 में योगदा सत्संग सोसाइटी (वाईएसएस) की स्थापना के साथ अपने जीवन के कार्य की शुरुआत की, जिससे भारत और पड़ोसी देशों में क्रियायोग की सार्वभौमिक शिक्षाओं को उपलब्ध कराया जा सके, जो हजारों वर्षों पूर्व भारत में जन्मा एक पवित्र आध्यात्मिक विज्ञान है।
इस वर्ष, हमारे परम पूज्य गुरुदेव परमहंस योगानन्दजी की जीवन-रूपान्तरकारी क्रियायोग शिक्षाओं के प्रति कृतज्ञता स्वरूप, उनका जन्मोत्सव दो विशेष ऑनलाइन आयोजनों के साथ मनाया गया।
जन्मोत्सव के उपलक्ष्य पर 6-घंटे का ध्यान
रविवार, 4 जनवरी, 2026
सुबह 9:40 बजे – शाम 4:00 बजे (भारतीय समयानुसार)
इस अवसर पर रविवार, 4 जनवरी को वाईएसएस संन्यासियों द्वारा एक विशेष छः घंटे का ध्यान संचालित किया गया। यह आध्यात्मिक रूप से उन्नयनकारी कार्यक्रम वाईएसएस राँची आश्रम से सीधा प्रसारित किया गया और इसमें भक्तिपूर्ण चैंटिंग, प्रेरणादायक पठन तथा ध्यान सत्र शामिल थे।
जन्मोत्सव के उपलक्ष्य पर विशेष ध्यान और सत्संग
सोमवार, 5 जनवरी, 2026
सुबह 6:30 बजे – सुबह 8:30 बजे (भारतीय समयानुसार)
इस कार्यक्रम में चैंटिंग और ध्यान के उपरांत वाईएसएस के एक संन्यासी द्वारा अंग्रेज़ी में एक प्रेरणादायक प्रवचन दिया गया। यह प्रवचन एक सच्चे गुरु का मार्गदर्शन तथा उनकी आत्म-मुक्तिदायक शिक्षाएँ प्राप्त करने के आध्यात्मिक आशीषों पर केन्द्रित था।
इस अवसर पर वाईएसएस आश्रमों, केन्द्रों और मंडलियों ने भी श्रद्धा और भक्ति भाव से विशेष कार्यक्रम आयोजित किए। कृपया अपने निकट वाईएसएस स्थान ढूँढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें।
यह पावन दिवस गुरुदेव के भक्तों को हमारे प्रिय परमहंसजी के प्रति अपनी हार्दिक कृतज्ञता अर्पित करने का एक विशेष अवसर प्रदान करता है, जिन्होंने जीवन-परिवर्तनकारी क्रियायोग की शिक्षाओं को भारत और सम्पूर्ण विश्व के लिए उपलब्ध किया।
यदि आप प्रणामी अर्पित करना चाहते हैं, तो आप नीचे दिए गए लिंक के माध्यम से ऐसा कर सकते हैं।
















