एसआरएफ़ अंतर्राष्ट्रीय मुख्यालय की एक भावी परिकल्पना

(स्वामी चिदानन्द गिरि के साथ एक विशेष सीधा प्रसारण)

शनिवार, 12 सितम्बर, 2026

रात्रि 10:30 बजे से

(भारतीय समयानुसार)

स्वामी चिदानन्द गिरि के साथ विशेष सीधा प्रसारण —12 सितम्बर, 2026

कार्यक्रम के विवरण

हम आपको वाईएसएस/एसआरएफ़ अध्यक्ष एवं आध्यात्मिक प्रमुख स्वामी चिदानन्द गिरि तथा एसआरएफ़ के उपाध्यक्ष स्वामी विश्वानन्द गिरि के साथ जुड़ने के लिए आमंत्रित करते हैं। वे एसआरएफ़ अंतरराष्ट्रीय मुख्यालय के नवीनीकरण एवं पुनर्वास परियोजना की योजनाओं के पीछे की दृष्टि और प्रेरणा साझा करेंगे—और इस पूर्ण हो चुकी परियोजना की एक “झलक” भी प्रस्तुत करेंगे।

एसआरएफ़ अंतर्राष्ट्रीय मुख्यालय (एसआरएफ़ मदर सेंटर) की स्थापना परमहंस योगानन्दजी द्वारा 1925 में लॉस एंजिलिस में सम्पूर्ण मानवता में क्रियायोग के प्राचीन विज्ञान का प्रचार-प्रसार करने के उनके विश्वव्यापी मिशन के आध्यात्मिक और प्रशासनिक केन्द्र के रूप में की गई थी।

यह कार्यक्रम शनिवार, 12 सितम्बर को लॉस एंजिलिस स्थित एसआरएफ़ अंतर्राष्ट्रीय मुख्यालय से भारतीय समयानुसार रात 10:30 बजे सीधा प्रसारित किया जाएगा और बाद में देखने के लिए भी उपलब्ध रहेगा।

यह कार्यक्रम अंग्रेज़ी में आयोजित किया जाएगा। हिन्दी में समकालिक अनुवाद (मूल अंग्रेज़ी सत्संग के साथ-साथ चलने वाला) केवल ज़ूम पर लाइव कार्यक्रम के दौरान ही उपलब्ध रहेगा।

हिन्दी में समकालिक अनुवाद हेतु :

  • Zoom पर शामिल हों। हमारा सुझाव है कि आप कार्यक्रम आरम्भ होने से कुछ मिनट पूर्व ही शामिल हो जाएँ।
  • अपनी Zoom window के निचले भाग में स्थित टूलबार में “Interpretation” बटन पर क्लिक करें। (यदि आपको यह विकल्प दिखाई न दे, तो “More” बटन पर क्लिक करें और फिर दिखाई देने वाले मेन्यू से “Interpretation” का चयन करें।)
  • सूची में से “Hindi” का चयन करें।
  • कार्यक्रम प्रारम्भ होने पर, आपको हिन्दी में समकालिक अनुवाद सुनाई देगा।

कृपया ध्यान दें :

  • यदि आपको तकनीकी सहायता की आवश्यकता है, तो कृपया वाईएसएस हेल्पडेस्क से संपर्क करें। आप (0651) 6655 555 पर कॉल करके अथवा [email protected] पर ईमेल भेजकर संपर्क कर सकते हैं।
  • इस सीधा प्रसारण कार्यक्रम के लिए, वाईएसएस सहायता डेस्क तकनीकी सहायता के लिए रात 10:00 बजे (भारतीय समयानुसार) से उपलब्ध रहेगी।

नए आगंतुक

परमहंस योगानन्दजी और उनकी शिक्षाओं के बारे में और अधिक जानने के लिए नीचे दिए गए लिंक्स पर जाएँ :

ऑटोबायोग्राफी ऑफ़ ए योगी

विश्वभर में एक आध्यात्मिक उत्कृष्ट कृति के रूप में सराही जाने वाली इस पुस्तक के विषय में परमहंसजी प्रायः कहा करते थे, “जब मैं चला जाऊँगा यह पुस्तक मेरी सन्देशवाहक होगी।”

वाईएसएस पाठमाला

एक गृह-अध्ययन पाठमाला जो आपके जीवन को ऐसे असाधारण ढंग से रूपांतरित कर देती है जिसकी आपने कभी कल्पना भी न की होगी, और आपको एक संतुलित एवं सफल जीवन जीने में सहायता करती है।

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