प्रतिवर्ष क्रिसमस के समय क्राइस्ट-प्रेम एवं आनंद के सामान्य से अधिक प्रबल स्पंदन होते हैं जो कि दिव्य लोकों से पृथ्वी पर निःसृत होते हैं। सम्पूर्ण आकाश उस अनन्त आलोक से भर जाता है जो कि जीसस के जन्म के समय पृथ्वी पर व्याप्त हुआ था। वे लोग जो भक्ति एवं गहन ध्यान के द्वारा समस्वर होते हैं, उस सर्वव्यापक चेतना के रूपांतरकारी स्पंदनों का आश्चर्यजनक ढंग से स्पष्टतः अनुभव करते हैं जो कि क्राइस्ट जीसस में विद्यमान थी।
— परमहंस योगानन्द
क्रिसमस, जीसस क्राइस्ट के जन्मोत्सव के पावन अवसर पर, वाईएसएस संन्यासी द्वारा संचालित गुरुवार, 25 दिसम्बर को आयोजित होने वाले एक विशेष ऑनलाइन ध्यान में हमारे साथ सम्मिलित हों।
कार्यक्रम में प्रारम्भिक प्रार्थना और चैंटिंग के बाद प्रेरणादायक पठन और ध्यान का एक सत्र होगा। सत्र के समापन पर, हम दूसरों के लिए प्रार्थना करेंगे और परमहंस योगानन्दजी की आरोग्यकारी प्रविधि का अभ्यास करेंगे, जिसके बाद समापन प्रार्थना होगी।
हम आपको सपरिवार एवं मित्रों सहित इस विशेष कार्यक्रम में सादर आमंत्रित करते हैं।
कृपया ध्यान दें : यह कार्यक्रम शुक्रवार, 26 दिसम्बर, रात्रि 10 बजे (भारतीय समयानुसार) तक देखने के लिए उपलब्ध रहेगा।
क्रिसमस पर विशेष ध्यान वाईएसएस आश्रमों, केन्द्रों और मंडलियों में भी आयोजित किए जाएँगे। आप इनमें से किसी भी केन्द्र पर व्यक्तिगत रूप से कार्यक्रम में उपस्थित होने के लिए सादर आमंत्रित हैं। अधिक जानकारी के लिए कृपया अपने निकटतम वाईएसएस केन्द्र से सम्पर्क करें।
वाईएसएस/एसआरएफ़ अध्यक्ष स्वामी चिदानन्द गिरि का क्रिसमस संदेश
क्रिसमस के अवसर पर, वाईएसएस/एसआरएफ़ के अध्यक्ष एवं आध्यात्मिक प्रमुख, स्वामी चिदानन्द गिरि का विशेष संदेश पढ़ने के लिए, कृपया नीचे दिए गए बटन पर क्लिक करें।
इस पावन अवसर पर यदि आप दान अर्पित करना चाहें, तो नीचे दिए गए लिंक के माध्यम से ऐसा कर सकते हैं। आपके सहयोग के लिए हम हृदय से आभारी हैं।
















