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लाहिड़ी महाशय आविर्भाव दिवस
विशेष ध्यान

शुक्रवार, 30 सितम्बर, 2022

सुबह 6:30 बजे

– सुबह 8:00 बजे

(भारतीय समयानुसार)

श्री श्री लाहिड़ी महाशय आविर्भाव दिवस 30 सितम्बर, 2022

कार्यक्रम के विवरण

ध्यान में ही अपनी सब समस्याओं का समाधान ढूँढो। व्यर्थ अनुमान लगाते रहने के बदले ईश्वर से प्रत्यक्ष संपर्क करो।

— श्री श्री लाहिड़ी महाशय : योगी कथामृत

परमहंस योगानन्दजी के परमगुरु श्री श्री लाहिड़ी महाशय का जन्म भारत में बंगाल के घुरनी गाँव में 30 सितंबर, 1828 को हुआ। सभी वाईएसएस/एसआरएफ़ भक्तों द्वारा योगावतार के रूप में पूजनीय लाहिड़ी महाशय ने आधुनिक विश्व का क्रियायोग से परिचय कराने में केंद्रीय भूमिका निभाई।

योगी कथामृत  में परमहंस योगानन्दजी ने लिखा है: “जिस प्रकार फूलों की सुगन्ध को छिपा कर नहीं रखा जा सकता, उसी प्रकार आदर्श गृहस्थ का जीवन चुपचाप व्यतीत करते लाहिड़ी महाशय अपने स्वाभाविक तेज को छिपाकर नहीं रख सके। भारत के कोने कोने से भक्त-भ्रमर इस जीवन्मुक्त सद्गुरु से सुधापान करने के लिये मँड़राने लगे।… इस महान गृहस्थ-योगी गुरु का पूर्ण संतुलित जीवन हजारों नर-नारियों के लिये प्रेरणा का स्रोत बना।”

शुक्रवार, 30 सितम्बर, 2022 को लाहिड़ी महाशय के आविर्भाव दिवस के अवसर पर एक वाईएसएस संन्यासी ने विशेष कार्यक्रम का संचालन किया जिसमें ध्यान और सत्संग शामिल थे।

यदि आप इस आविर्भाव दिवस के पावन अवसर पर पारंपरिक प्रणामी अर्पित करना चाहें तो नीचे दिए लिंक पर क्लिक करें। हम आपका आभार व्यक्त करते हुए आपकी प्रणामी को श्री श्री लाहिड़ी महाशय की विशेष कृपा और आशीर्वाद के प्रति आपकी कृतज्ञता के प्रतीक के रूप में स्वीकार करेंगे।

नवागंतुक

परमहंस योगानन्दजी और उनकी शिक्षाओं के बारे में और अधिक जानने के लिए नीचे दिए गए लिंक्स पर जाएँ:

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