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लाहिड़ी महाशय महासमाधि दिवस
विशेष ध्यान

सोमवार, 26 सितम्बर, 2022

सुबह 6:30 बजे

– सुबह 8:00 बजे

(भारतीय समयानुसार)

श्री श्री लाहिड़ी महाशय महासमाधि दिवस 30 सितम्बर, 2022

कार्यक्रम के विवरण

अनवरत ध्यान करो ताकि तुम जल्दी से जल्दी अपने को सर्व-दु:ख-क्लेशमुक्त अनन्त परमतत्त्व के रूप में पहचान सको।

— श्री श्री लाहिड़ी महाशय

26 सितंबर श्री श्री लाहिड़ी महाशय (परमहंस योगानन्द के परमगुरु) का महासमाधि दिवस है। लाहिड़ी महाशय ने योग के उच्चतम आदर्शों का उदाहरण प्रस्तुत किया है, जैसे कि “अल्प स्व” का ईश्वर में समाहित हो जाना। इसलिए उन्हें योगावतार या योग के अवतार के रूप में सम्मानित किया जाता है। लाहिड़ी महाशय ने 26 सितंबर, 1895 को बनारस में महासमाधि में प्रवेश किया — अन्तिम ध्यान या सचेतन ईश्वरीय वार्तालाप, जिसके दौरान एक निपुण गुरु स्वयं को ब्रह्माण्डीय ओम् में विलीन करता है तथा अपने भौतिक शरीर का परित्याग करता है।

लाहिड़ी महाशय ने आधुनिक विश्व का क्रियायोग से परिचय कराने में केंद्रीय भूमिका निभाई।

26 सितम्बर, 2022 को लाहिड़ी महाशय के महासमाधि दिवस के अवसर पर वाईएसएस संन्यासी विशेष कार्यक्रम का संचालन करेंगे जिसमें चैन्टिंग, ध्यान, और अँग्रेजी में सत्संग शामिल हैं।

हम आपको इस विशेष ऑनलाइन कार्यक्रम में भाग लेने के लिए आमंत्रित करते हैं।

कृपया ध्यान दें : यह कार्यक्रम शनिवार, 27 सितंबर रात 10 बजे तक (भारतीय समयानुसार) देखने के लिए उपलब्ध रहेगा।

यदि आप इस पावन अवसर पर पारंपरिक प्रणामी अर्पित करना चाहें तो नीचे दिए लिंक पर क्लिक करें। हम आपका आभार व्यक्त करते हुए आपकी प्रणामी को श्री श्री लाहिड़ी महाशय की विशेष कृपा और आशीर्वाद के प्रति आपकी कृतज्ञता के प्रतीक के रूप में स्वीकार करेंगे।

नवागंतुक

परमहंस योगानन्दजी और उनकी शिक्षाओं के बारे में और अधिक जानने के लिए नीचे दिए गए लिंक्स पर जाएँ:

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