जीने की कला का ज्ञान

“ईश्वर के प्रेम का अनुभव करें, प्रत्येक में ईश्वर की विद्यमानता को देखें, और केवल एक इच्छा रखें—अपनी चेतना के मन्दिर में निरन्तर उनकी विद्यमानता हो—इस संसार में जीने का यही एक तरीका है।”

— श्री श्री परमहंस योगानन्द

दैनिक जीवन हेतु प्रेरणा तथा मार्गदर्शन

सदियों से रहस्यवादियों, संतों, ऋषियों और योगीजनों ने हमें एक ही उत्तर दिया है-ईश्वर के साथ व्यक्तिगत सम्बंध विकसित करना—वह जो हमारे रोजमर्रा जीवन को ब्रह्म के साथ जोड़ता है। आध्यात्मिक जीवन उस सम्बंध को विकसित करने का व्यवहारिक तरीका है।

सभी विषयों पर व्यावहारिक परामर्श के अतिरिक्त हर भाग में दिए गए प्रतिज्ञापनों का लाभ अवश्य उठाएं। आप अभी से इन का अभ्यास कर सकते हैं ताकि हर भाग में दिए आनंद, रोगमुक्ति, शांति, तथा अन्य आध्यात्मिक लाभों के अनुभव की ओर आपकी व्यक्तिगत यात्रा आरंभ हो सके।

इस के अतिरिक्त, हर विषय में और अधिक गहराई में जाने हेतु संसाधनों तथा उपयोगी सलाह के लिए लिंक सम्मिलित हैं जो कि योगदा सत्संग सोसाइटी ऑफ इण्डिया द्वारा प्रकाशित बहुत सी पुस्तकों, रिकार्डिंग तथा अन्य प्रकाशनों की जानकारी दे सकते हैं।

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